แฟ้มประวัติऋषभ की कविताएँรูปถ่ายบล็อกรายการเพิ่มเติม ![]() | วิธีใช้ |
|
05 กรกฎาคม धुआँ और गुलालधुआँ और गुलाल ~~ डॊ.ऋषभदेव शर्मा सिर पर धरे धुएँ की गठरी मुँह पर मले गुलाल चले हम धोने रंज मलाल ! होली है पर्याय खुशी का खुलें और खिल जाएँ हम; होली है पर्याय नशे का - पिएँ और भर जाएँ हम; होली है पर्याय रंग का - रँगें और रंग जाएँ हम; होली है पर्याय प्रेम का - मिलें और खो जाएँ हम; होली है पर्याय क्षमा का - घुलें और धुल जाएँ गम ! मन के घाव सभी भर जाएँ, मिटें द्वेष जंजाल; चले हम धोने रंज मलाल ! होली है उल्लास हास से भरी ठिठोली, होली ही है रास और है वंशी होली होली स्वयम् मिठास प्रेम की गाली है, पके चने के खेत गेहुँ की बाली है सरसों के पीले सर में लहरी हरियाली है, यह रात पूर्णिमा वाली पगली मतवाली है। मादकता में सब डूबें नाचें गलबहियाँ डालें; तुम रहो न राजा राजा मैं आज नहीं कंगाल; चले हम धोने रंज मलाल ! गाली दे तुम हँसो और मैं तुमको गले लगाऊँ, अभी कृष्ण मैं बनूँ और फिर राधा भी बन जाऊँ; पल में शिव-शंकर बन जाएँ पल में भूत मंडली हो। ढोल बजें, थिरकें नट-नागर, जनगण करें धमाल; चले हम धोने रंज मलाल ! ****************************** ข้อคิดเห็นในการเพิ่มข้อคิดเห็น ให้ลงชื่อเข้าใช้ด้วย Windows Live ID ของคุณ (หากคุณใช้ Hotmail, Messenger หรือ Xbox LIVE คุณมี Windows Live ID อยู่แล้ว) ลงชื่อเข้าใช้ หากยังไม่มี Windows Live ID ลงทะเบียน การติดตามข้อมูลURL การติดตามข้อมูลสำหรับข้อมูลนี้คือ: http://rishabhadeosharma.spaces.live.com/blog/cns!838A52570C96B8E5!156.trak เว็บล็อกที่อ้างอิงข้อมูลนี้
|
|
|